Sad Shayari, Insaao ke kadhe per

इंसानों के कंधे पर इंसान जा रहे हैं,
कफ़न में लिपट कर कुछ अरमान जा रहे हैं,
जिन्हें मिली मोहब्बत में बेवफ़ाई,
वफ़ा की तलाश में वो कब्रिस्तान जा रहे हैं।

Insan ke kandhe par insan jaraha hai,
kafan me lipta kar kuch arman ja rahe hai,
jinhe mili ho mohabbat me bewafaai,
wafa ki talash me wo kabristan ja rahe hai.

Dard Bhari Bewafa Zindagi Shayari on Love

बिछड़ के तुम से ज़िंदगी सज़ा लगती है,
यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है ।

तड़प उठता हूँ दर्द के मारे,
ज़ख्मों को जब तेरे शहर की हवा लगती है ।

अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किस से करूँ,
मुझ को तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफ़ा लगती है।