2 Line Shayari, Umar beet chali hai

एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह..


जब नफ़रत करते करते थक जाओ…।
तो एक मौका प्यार को भी दे देना.।।


खामोशियाँ – बहुत कुछ कहती हैं,,
कान नही दिल लगा कर सुनना पड़ता है…


मैंने उसे बोला ये आसमान कितना बड़ा है ना,
पगली ने गले लगाया और कहा इससे बड़ा तो नहीं….


देखते हैं अब क्या मुकाम आता है साहेब,
सूखे पत्ते को इश्क़ हुआ है बहती हवा से….!!


मैने जो पुछा उनसे कि.. यूँ बात बात पे रूलाते क्युँ हो…
वो बङे प्यार से बोली, मुझे बहता हुआ पानी बेहद पंसद है..


शायरी लिखना बंद कर दूंगा अब मैं यारो…
मेरी शायरी की वजह से दोस्तों की आँखों में आंसू अब देखे नहीं जाते…!!


जाते जाते उसने पलटकर सिर्फ इतना कहा मुझसे,,
मेरी बेवफायी से ही मर जाओगे या मार के जाऊ.!!


ठहर सके जो.. लबों पे हमारे,,
हँसी के सिवा, है मजाल किसकी…


तुम पल भर के लिए दूर क्या जाते हो,
तो हम ‘बिखरने’ से लगते हैं..

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